हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में शारीरिक गतिविधि कम होती जा रही है। लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करना, वाहन से छोटी दूरी भी तय करना और खाली समय का बड़ा हिस्सा मोबाइल या टीवी पर बिताना आज आम बात है।
ऐसे में पैदल चलना यानी Walking शरीर को सक्रिय रखने का सबसे आसान तरीका हो सकता है। इसके लिए महंगे उपकरण या जिम की सदस्यता जरूरी नहीं होती।
लेकिन सवाल यह है कि रोज कितनी देर चलना चाहिए? क्या केवल 30 मिनट की walk पर्याप्त है? क्या तेज चलना जरूरी है? और अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से exercise नहीं करता तो उसे शुरुआत कैसे करनी चाहिए?
इन सवालों का जवाब हर व्यक्ति के लिए बिल्कुल एक जैसा नहीं है। फिर भी नियमित physical activity को स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
Walking शरीर के लिए क्यों अच्छी है?
नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद हो सकती है। नियमित activity हृदय स्वास्थ्य को बेहतर रखने, शरीर का वजन नियंत्रित रखने और कई chronic diseases के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है।
WHO के अनुसार नियमित physical activity हृदय रोग, type-2 diabetes और कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की रोकथाम और management में मदद कर सकती है। इससे मानसिक स्वास्थ्य और overall well-being पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
रोज कितनी देर पैदल चलना चाहिए?
WHO के अनुसार 18 से 64 वर्ष के स्वस्थ वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 से 300 मिनट की moderate-intensity aerobic physical activity करनी चाहिए। इसके विकल्प के रूप में 75 से 150 मिनट की vigorous-intensity activity या दोनों का combination किया जा सकता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को रोज एक ही समय तक चलना जरूरी है।
उदाहरण के लिए कोई व्यक्ति सप्ताह में पांच दिन लगभग 30 मिनट brisk walking कर सकता है। कोई व्यक्ति अपनी सुविधा के अनुसार समय को छोटे हिस्सों में भी बांट सकता है।
अगर अभी बिल्कुल exercise नहीं करते हैं तो शुरुआत कम समय से करके धीरे-धीरे activity बढ़ाना ज्यादा व्यावहारिक तरीका है।
तेज चलना और सामान्य चलने में क्या अंतर है?
सिर्फ धीरे-धीरे कुछ कदम चलना और Brisk Walking (तेज चाल से चलना) एक जैसी physical activity नहीं होती।
Moderate-intensity activity में आम तौर पर सांस और दिल की धड़कन सामान्य से कुछ तेज होती है, लेकिन व्यक्ति बातचीत कर सकता है।
हर व्यक्ति की fitness अलग होती है। इसलिए walking की गति भी उसी के अनुसार तय करनी चाहिए।
शुरुआत करने वाले व्यक्ति के लिए बहुत तेज चलने की बजाय आरामदायक गति से शुरू करना और धीरे-धीरे गति बढ़ाना बेहतर है।
Walking शुरू करने का आसान तरीका
अगर आपने लंबे समय से exercise नहीं की है तो पहले दिन ही बहुत लंबी दूरी तय करने की जरूरत नहीं है।
आप इस तरह शुरुआत कर सकते हैं:
पहला चरण:
कम समय के लिए आराम से चलें और शरीर को इसकी आदत डालें।
दूसरा चरण:
जब शरीर सहज महसूस करने लगे तो walking का समय धीरे-धीरे बढ़ाएं।
तीसरा चरण:
कुछ समय बाद अपनी क्षमता के अनुसार गति बढ़ाकर brisk walking की ओर जा सकते हैं।
चौथा चरण:
हफ्ते के अलग-अलग दिनों में नियमित activity बनाए रखने की कोशिश करें।
WHO भी उन लोगों को कम मात्रा से शुरुआत करके धीरे-धीरे activity की frequency, intensity और duration बढ़ाने की सलाह देता है जो अभी recommended level तक physical activity नहीं कर रहे हैं।
क्या सुबह चलना जरूरी है?
नहीं।
Walking के लिए सुबह का समय जरूरी नहीं है। आप अपनी दिनचर्या और सुविधा के अनुसार सुबह, शाम या दिन के किसी अन्य समय चल सकते हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि physical activity नियमित रूप से हो और आपकी lifestyle में टिकाऊ तरीके से शामिल हो।
क्या खाने के बाद Walking करनी चाहिए?
हल्की walk कई लोगों के लिए रोजमर्रा की activity का हिस्सा हो सकती है। लेकिन खाने के तुरंत बाद बहुत तेज या कठिन exercise करना हर व्यक्ति के लिए उचित नहीं हो सकता।
खासकर जिन लोगों को diabetes, heart disease, digestive problems या दूसरी medical conditions हैं, उन्हें अपनी स्थिति के अनुसार healthcare professional से सलाह लेनी चाहिए।
Walking से वजन कम हो सकता है?
Walking calorie expenditure बढ़ाने में मदद कर सकती है और नियमित physical activity वजन को स्वस्थ स्तर पर बनाए रखने की कोशिश का हिस्सा हो सकती है।
लेकिन वजन कम करने के लिए केवल walking ही पर्याप्त हो, यह जरूरी नहीं है।
भोजन, कुल physical activity, नींद, उम्र, शरीर की स्थिति और कई दूसरे factors भी वजन पर असर डालते हैं।
इसलिए केवल एक exercise पर निर्भर रहने के बजाय overall healthy lifestyle पर ध्यान देना बेहतर है।
क्या Walking से Blood Pressure और Blood Sugar पर फायदा हो सकता है?
नियमित physical activity overall cardiovascular health के लिए फायदेमंद है और type-2 diabetes तथा hypertension जैसी स्थितियों की रोकथाम और management में भूमिका निभा सकती है।
लेकिन अगर किसी व्यक्ति को पहले से diabetes या high blood pressure है तो walking को दवा का विकल्प नहीं मानना चाहिए।
ऐसे मरीजों को अपनी medical condition के अनुसार exercise की intensity और duration healthcare professional की सलाह से तय करनी चाहिए।
बुजुर्गों के लिए Walking
उम्र बढ़ने के साथ भी शारीरिक रूप से सक्रिय रहना महत्वपूर्ण है। लेकिन बुजुर्गों में चलने की क्षमता, संतुलन, जोड़ों की समस्या और दूसरी health conditions अलग-अलग हो सकती हैं।
अगर चलने में असंतुलन रहता है या गिरने का खतरा है तो अकेले चलने के बजाय सुरक्षित वातावरण और आवश्यक सहायता का ध्यान रखें।
WHO के अनुसार 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को aerobic activity के साथ muscle-strengthening activity भी करनी चाहिए और जिनकी mobility कमजोर है, उनके लिए balance-focused activity महत्वपूर्ण हो सकती है।
किन लोगों को Walking शुरू करने से पहले सलाह लेनी चाहिए?
अगर किसी व्यक्ति को पहले से कोई गंभीर बीमारी है या physical activity के दौरान परेशानी होती है तो exercise routine शुरू करने से पहले healthcare professional से सलाह लेना बेहतर है।
खासकर अगर चलने के दौरान:
- सीने में दर्द हो
- बहुत ज्यादा सांस फूलने लगे
- चक्कर या बेहोशी जैसा महसूस हो
- दिल की धड़कन बहुत असामान्य लगे
- पैर में अचानक तेज दर्द हो
तो exercise रोककर medical advice लेना चाहिए।
Walking को रोज की आदत कैसे बनाएं?
Walking को exercise समझकर केवल अलग समय निकालना जरूरी नहीं है। इसे रोजमर्रा की जिंदगी में भी शामिल किया जा सकता है।
जैसे:
- छोटी दूरी के लिए पैदल जाना
- लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करना, अगर स्वास्थ्य इसकी अनुमति देता हो
- फोन पर बात करते समय कुछ देर चलना
- काम के बीच छोटे walking breaks लेना
- शाम को परिवार के साथ थोड़ी देर टहलना
छोटे बदलाव मिलकर रोज की physical activity बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
क्या रोज चलना जरूरी है?
हर व्यक्ति की परिस्थितियां अलग होती हैं। लक्ष्य नियमित physical activity बनाए रखना होना चाहिए।
अगर किसी दिन ज्यादा समय नहीं मिल पाया तो इसका मतलब यह नहीं कि उस दिन की सारी कोशिश बेकार हो गई। WHO का स्पष्ट संदेश है कि कुछ physical activity करना बिल्कुल activity न करने से बेहतर है।
इसलिए शुरुआत छोटी रखें और धीरे-धीरे अपनी क्षमता के अनुसार activity बढ़ाएं।
निष्कर्ष
पैदल चलना शरीर को सक्रिय रखने का सरल और व्यावहारिक तरीका है। स्वस्थ वयस्कों के लिए सप्ताह में 150 से 300 मिनट की moderate-intensity physical activity WHO की सामान्य सिफारिश है, लेकिन हर व्यक्ति अपनी उम्र, स्वास्थ्य और क्षमता के अनुसार activity का स्तर तय करे।
अगर आप अभी exercise नहीं करते हैं तो बहुत ज्यादा लक्ष्य बनाने के बजाय कम समय से शुरुआत करें और धीरे-धीरे walking को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
नियमित चलना तभी ज्यादा उपयोगी होगा जब इसके साथ संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और स्वस्थ जीवनशैली भी हो।
याद रखें—स्वस्थ रहने के लिए जरूरी नहीं कि आप हर दिन कठिन exercise करें। शरीर को नियमित रूप से सक्रिय रखना भी स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


