Pulse Oximeter एक छोटा device है। इसे आमतौर पर उंगली पर लगाया जाता है।
यह बिना blood sample लिए शरीर में oxygen saturation यानी SpO₂ का अनुमान देता है। साथ ही, यह pulse rate भी दिखा सकता है।
घर पर कई लोग इसका इस्तेमाल स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए करते हैं। लेकिन device को सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है।
साथ ही, केवल एक reading देखकर अपनी बीमारी का फैसला नहीं करना चाहिए।
Pulse Oximeter क्या मापता है?
Pulse Oximeter मुख्य रूप से दो चीजें दिखा सकता है:
- SpO₂: blood oxygen saturation का अनुमान
- Pulse Rate: दिल की धड़कन की दर
Device उंगली से गुजरने वाली light का इस्तेमाल करके SpO₂ का अनुमान लगाता है।
यह एक उपयोगी monitoring tool हो सकता है। फिर भी यह डॉक्टर की जांच का विकल्प नहीं है।
SpO₂ की reading कैसे लें?
सही reading के लिए कुछ आसान बातों का ध्यान रखें।
1. पहले कुछ देर आराम करें
Reading लेने से पहले कुछ मिनट शांत बैठें।
Exercise या तेज चलने के तुरंत बाद reading लेने से परिणाम अलग हो सकता है।
2. हाथ को स्थिर रखें
जिस हाथ की उंगली में device लगाया है, उसे स्थिर रखें।
हाथ हिलाने या कांपने से reading प्रभावित हो सकती है। FDA के अनुसार movement और low blood flow जैसी स्थितियां pulse oximeter की accuracy को प्रभावित कर सकती हैं।
3. उंगली साफ रखें
उंगली पर nail polish या artificial nail होने पर reading प्रभावित हो सकती है।
इसलिए जरूरत होने पर उसे हटाकर reading लेना बेहतर है।
4. उंगली को device में सही तरीके से रखें
Pulse Oximeter को आमतौर पर उंगली के सिरे पर लगाया जाता है।
Device को चालू करें। फिर कुछ समय तक हाथ को स्थिर रखें।
Reading स्थिर होने तक इंतजार करें।
5. SpO₂ और pulse rate को पहचानें
Screen पर आमतौर पर दो अलग-अलग numbers दिखाई देते हैं।
एक SpO₂ हो सकता है। दूसरा pulse rate हो सकता है।
अपने device की user manual में दिए संकेतों को जरूर देखें।
कुछ devices में display का तरीका अलग हो सकता है।
क्या एक बार की reading पर भरोसा करना चाहिए?
नहीं।
Pulse Oximeter की reading एक estimate होती है। Device पूरी तरह accurate नहीं होता। कई परिस्थितियां reading को प्रभावित कर सकती हैं।
इसलिए केवल एक number देखकर घबराने या treatment बदलने की जरूरत नहीं है।
अगर reading बार-बार सामान्य से अलग आ रही है, तो symptoms के साथ उसे देखें और जरूरत होने पर healthcare professional से संपर्क करें।
किन चीजों से reading प्रभावित हो सकती है?
Pulse Oximeter की accuracy पर कई factors असर डाल सकते हैं।
उदाहरण के लिए:
- हाथ ठंडा होना
- हाथ में blood circulation कम होना
- उंगली का हिलना
- nail polish
- artificial nails
- बहुत तेज ambient light
- कुछ परिस्थितियों में skin pigmentation
FDA ने pulse oximeter की accuracy पर skin pigmentation से जुड़े संभावित differences के बारे में भी जानकारी दी है।
इसलिए reading को हमेशा context में समझना चाहिए।
हाथ ठंडे हों तो क्या करें?
अगर हाथ बहुत ठंडा है, तो reading लेने से पहले उसे सामान्य तापमान पर आने दें।
ठंडे हाथ और कम blood circulation से device को signal मिलने में परेशानी हो सकती है।
इसके बाद हाथ को स्थिर रखकर फिर reading ली जा सकती है।
क्या Pulse Oximeter बीमारी की पहचान करता है?
नहीं।
Pulse Oximeter केवल oxygen saturation का अनुमान देता है। यह अपने आप pneumonia, asthma, heart disease या किसी दूसरी बीमारी का diagnosis नहीं करता।
किसी व्यक्ति की medical condition समझने के लिए symptoms, medical history और जरूरत पड़ने पर दूसरी जांच भी जरूरी हो सकती है।
FDA भी लोगों को केवल pulse oximeter पर निर्भर न रहने और अपने symptoms पर ध्यान देने की सलाह देता है।
अगर SpO₂ कम दिखे तो क्या करें?
एक बार कम reading आने पर तुरंत घबराने के बजाय पहले measurement को दोबारा सही तरीके से लें।
हाथ को स्थिर रखें। Device की position जांचें। फिर कुछ देर बाद reading देखें।
अगर reading लगातार कम आ रही है या व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, होंठ या चेहरा नीला पड़ना, बेचैनी या हालत बिगड़ने जैसे symptoms हैं, तो medical help लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
किसी व्यक्ति की सामान्य SpO₂ range उसकी health condition के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए पहले से lung या heart condition वाले व्यक्ति को अपने healthcare professional की बताई सीमा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
क्या SpO₂ का एक ही नंबर सभी के लिए सामान्य है?
नहीं।
एक ही SpO₂ reading को हर व्यक्ति पर एक जैसा लागू करना उचित नहीं है।
कुछ लोगों में lung या heart disease के कारण baseline reading अलग हो सकती है।
इसलिए अगर किसी मरीज को पहले से कोई बीमारी है, तो उसके doctor से पूछना बेहतर है कि उसके लिए कौन-सी reading चिंता का कारण हो सकती है।
क्या Pulse Oximeter से बच्चे की जांच कर सकते हैं?
बच्चों में device का इस्तेमाल उनकी उम्र और device की suitability पर निर्भर करता है।
हर fingertip pulse oximeter हर बच्चे के लिए उपयुक्त नहीं होता।
विशेषकर छोटे बच्चों या infants के लिए सामान्य adult device का इस्तेमाल अपने-आप नहीं करना चाहिए। FDA ने unauthorized infant vital-sign monitoring devices के इस्तेमाल को लेकर भी चेतावनी दी है।
बच्चे के लिए monitoring की जरूरत हो तो pediatrician की सलाह लें।
क्या मोबाइल से SpO₂ मापना सही है?
हर mobile app या wearable की reading को medical measurement नहीं माना जा सकता।
किसी device की accuracy और intended use उसके design और authorization पर निर्भर करता है।
अगर आपको medical monitoring की जरूरत है, तो healthcare professional द्वारा सुझाए गए उपयुक्त device का इस्तेमाल करें।
क्या Pulse Oximeter से मिली reading के आधार पर दवा बदल सकते हैं?
नहीं।
अपनी medicine, oxygen therapy या दूसरी treatment को केवल घर की SpO₂ reading देखकर बदलना सुरक्षित नहीं है।
FDA भी pulse oximeter reading के आधार पर medication या therapy में बदलाव करने से पहले healthcare provider से सलाह लेने की चेतावनी देता है।
Pulse Oximeter इस्तेमाल करते समय आसान Checklist
Reading लेने से पहले:
- कुछ देर आराम करें।
- हाथ को स्थिर रखें।
- उंगली साफ रखें।
- Nail polish या artificial nail का ध्यान रखें।
- हाथ बहुत ठंडा हो तो पहले सामान्य तापमान पर आने दें।
- Device को सही तरीके से लगाएं।
- Reading स्थिर होने तक इंतजार करें।
- केवल एक reading के आधार पर निष्कर्ष न निकालें।
- Symptoms को भी ध्यान में रखें।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी है, सीने में दर्द है या उसकी हालत तेजी से बिगड़ रही है, तो केवल घर की oximeter reading देखकर इंतजार नहीं करना चाहिए।
Medical help लें।
इसी तरह, अगर SpO₂ की readings बार-बार आपकी सामान्य स्थिति से कम आ रही हैं, तो healthcare professional से बात करें।
खासकर lung या heart disease वाले मरीजों को अपने doctor द्वारा दिए गए monitoring plan का पालन करना चाहिए।
निष्कर्ष
Pulse Oximeter घर पर oxygen saturation और pulse rate को monitor करने में उपयोगी device हो सकता है।
लेकिन इसकी reading एक अनुमान होती है। हाथ की स्थिति, movement, circulation, nail polish और दूसरे factors result को प्रभावित कर सकते हैं।
इसलिए सही तरीके से measurement लें और केवल एक number देखकर घबराएं नहीं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि व्यक्ति के symptoms को reading के साथ देखकर समझें।
अगर सांस लेने में परेशानी या दूसरे गंभीर symptoms हैं, तो medical help लेने में देरी न करें।


